ज़मीं पे चाँद कहाँ

Chand Shayari

तुम आ गए हो तो कुछ चाँदनी सी बातें हों
ज़मीं पे चाँद कहाँ रोज़ रोज़ उतरता है

Tum aa gaye ho to kuchh chaandani si baaten hon
Zamin pe chaand kahaan roz roz utarata hai