हम तो तन्हाई में बैठकर रोते हैं

 Tanhai Shayari

दर्द मेरे दिल का किसने देखा है
सिर्फ खुदा ने मुझे तड़पते देखा है
हम तो तन्हाई में बैठकर रोते हैं
महफ़िलों में लोगों ने हमे हस्ते हुए देखा है

Dard mere dil kaa kisne dekhaa hai
Sirf khudaa ne mujhe tadapte dekhaa hai
Hum to tanhai mein bathkar rote hain
Mahfilon mein logon ne hume haste huye dekhaa hai