मुम्ताज़ कहाँ से लाऊँगा

Mohabbat Shayari in Hindi

तुम से मिलती-जुलती मैं आवाज़ कहाँ से लाऊँगा
ताज-महल बन जाए अगर मुम्ताज़ कहाँ से लाऊँगा

Tum se milati-julati main aawaz kahan se launga
Taj-mahal ban jaye agar mumtaaz kahan se launga